
कैनवास पर ऐक्रेलिक
Vidokrug
2018 · 50 × 70 cm
हरे, नारंगी और लाल का विस्फोट — एक दृष्टि जो दृश्य से परे पहुँचती है। हासे धारणा की सीमाओं को खोजते हैं, वहाँ जहाँ भीतर और बाहर की दुनिया एक ही तीव्र क्षण में टकराती हैं।
मौलिक कृतियाँ

कैनवास पर ऐक्रेलिक
2018 · 50 × 70 cm
हरे, नारंगी और लाल का विस्फोट — एक दृष्टि जो दृश्य से परे पहुँचती है। हासे धारणा की सीमाओं को खोजते हैं, वहाँ जहाँ भीतर और बाहर की दुनिया एक ही तीव्र क्षण में टकराती हैं।

कैनवास पर ऐक्रेलिक
1991 · 70 × 50 cm
फ़िरोज़ी और गेरुए की अव्यवस्थित परतों से आकृतियों की रूपरेखाएँ उभरती हैं — अराजकता में अर्थ खोज लेने की मानवीय क्षमता के साक्षी। यह चित्र सूझबूझ को मनुष्य की मूलभूत शक्ति के रूप में सराहता है।

कैनवास पर ऐक्रेलिक
2018 · 50 × 70 cm
तीन मूल रंग अस्तित्व के तीन स्तंभों की तरह — विवेक, सहजवृत्ति और आवेग। ज्यामितीय खंड ऊर्जावान इम्पास्तो को भेदते हुए स्वतंत्रता के भीतर व्यवस्था रखते हैं।

रात की नीली आभा में डूबे खंडहर, एक अकेली, अगम्य रोशनी से बिंधे हुए। यह चित्र सीमाओं को पार करने की बात करता है — विनाश और आशा के बीच, अंधकार और उस आभा के बीच जो हमेशा शेष रहती है।

कैनवास पर ऐक्रेलिक
1988 · 70 × 50 cm
श्वेत-श्याम पिंडों को रंग के विस्फोट चूर कर देते हैं — लाल, पीला, नीला। यह चित्र एक योग है: उस सबका जो जिया गया, महसूस किया गया, सहा गया और जीत लिया गया।

विचार की गतिपथों जैसी सफ़ेद रेखाएँ — नारंगी और हरे की लहर पर संरचनाएँ खींचती हैं। शिक्षा ढाँचों में बंद होना नहीं, बल्कि उनके भीतर चलना सीखना है।

कैनवास पर ऐक्रेलिक
2007 · 100 × 80 cm
गहरे हरे रंग का कैनवास — भीतर की ओर मुड़ी दृष्टि। हासे अपने ही हाथ की जाँच करते हैं, चित्र को अपनी दृश्य भाषा के दर्पण की तरह देखते हैं। एक कृति जो स्वयं के बारे में बोलती है।

ऊपर से देखी गई पृथ्वी — सीमाओं और झंडों के बिना रंगों की पच्चीकारी। हासे याद दिलाते हैं कि पर्याप्त दूरी से हमारे भेद तुच्छ हैं और इस ग्रह की सुंदरता निर्विवाद।

कैनवास पर तैल
1989 · 150 × 117 cm
उड़ान में रंगों की असाधारण ऊर्जा — नीला, हरा, नारंगी, गुलाबी। उड़ान एक मनःस्थिति है: वह क्षण जब हम उस सबसे छूटते हैं जो हमें बाँधे रखता है और गति की स्वतंत्रता को सौंप देते हैं।

कैनवास पर ऐक्रेलिक
1997 · 70 × 50 cm
एक हरी आकृति नीली लहरों के बीच रहस्यमय केंद्र को घेरती है। आगे बढ़ना सदा सीधी रेखा में नहीं होता — वह अनुभव की परतों से होकर सर्पिल में चलता है।

कैनवास पर ऐक्रेलिक
1987 · 70 × 50 cm
गहरे बैंगनी और नीले से एक अकेली लाल आकृति उठती है — उस लौ की तरह जो बुझने से इनकार करती है। भोगना जीवित रहने का कर्म है, जो अंततः विजय का कर्म बन जाता है।

कैनवास पर ऐक्रेलिक
1989 · 70 × 50 cm
नीले और हरे की जाली समग्रता के भ्रम को उसके घटकों में तोड़ देती है। हासे यथार्थ को टुकड़ों में घोल देते हैं ताकि यह प्रकट हो कि उसकी सतह के नीचे क्या है।

कैनवास पर ऐक्रेलिक
2015 · 120 × 80 cm
चटख लाल आकृतियाँ प्रकाशमय वातावरण में तैरती हैं — गतिमान जीवों की तरह, घटित होने के क्षण में पकड़ी गईं। जीवन सदा गति में है, कभी स्थिर नहीं।

कैनवास पर ऐक्रेलिक
90 × 70 cm
एक अग्निमय लाल आकृति कैनवास पर छा जाती है — अनकहे को समर्पण का केंद्रबिंदु। «Hommage» उस सबके प्रति कृतज्ञता, स्मृति और अनुराग की कृति है जिसने हमें गढ़ा।

2008
ग्रीष्म के दृश्य के गर्म रंग — हरा, पीला, लाल — समर्पण की एक साँस में घुल जाते हैं। हासे प्रकृति की जीवनी शक्ति और उसकी अक्षय नवीकरण-क्षमता को नमन करते हैं।

तीन रंग-क्षेत्र — नीला, पीला, हरा — सफ़ेद रेखाओं के नक्षत्र से बुने हुए। संरक्षण का अर्थ है एकरूपता की ओर खींचती शक्तियों के सामने जीवंतता और विविधता की रक्षा करना।

1987
सफ़ेद रेखाओं के नक्षत्र के साथ नीला, पीला और हरा — पूर्ण रंगपटल के बारे में किसी बच्चे के स्वप्न जैसा। हासे याद दिलाते हैं कि सुंदरता अक्सर अपनी सादगी में ही सबसे प्रबल होती है।

हरी और धूसर विकर्ण रेखाएँ काली पृष्ठभूमि को चीरती हैं — हड्डी तक उघड़ा हुआ स्थापत्य। विखंडनवाद विनाश के लिए विनाश नहीं करता, वह रूप के पीछे छिपे सत्य को खोजता है।

कैनवास पर ऐक्रेलिक
1988 · 70 × 50 cm
पीली-हरी धुंध से रूपरेखाएँ उभरती हैं — लगभग मानवीय, लगभग पहचानी हुई। हासे उस सीमा पर प्रश्न उठाते हैं जो "जो है" और "जिसे हम अनुभव करते मानते हैं" के बीच है।



कैनवास पर ऐक्रेलिक
2026
Prismatic shapes in shades of green and turquoise build a crystalline structure of light. Hase questions the boundary between solid and transparent, material and illusory.

कैनवास पर ऐक्रेलिक
2026
A cubist figure of golden and emerald shapes — a monument standing between abstraction and representation. Geometry as the language of the body, form as emotional imprint.

कैनवास पर ऐक्रेलिक
2026
Blue and golden geometry in the shape of a compass — a symbol of orientation and the search for meaning. Hase combines navigational precision with artistic freedom.

कैनवास पर ऐक्रेलिक
2026
Sudden diagonal strokes of colour cut through the composition in motion. The painting celebrates the energy of change and the constant reshaping of reality.

कैनवास पर ऐक्रेलिक
2026
Brushstrokes evoke the movement of ocean waves — free and energetic. Hase shifts from geometry to the elemental force of nature, preserving his recognisable dynamism of colour.

कैनवास पर ऐक्रेलिक
2026
Primary colours — blue, yellow, red — organised in a harmonious triangular dialogue. The fundamental elements of painting as an answer to the eternal question about the essence of artistic expression.

कैनवास पर ऐक्रेलिक
2026
Dark monoliths stand in a desert landscape like guardians of silence. Hase places geometric forms in a harsh natural environment, creating a dialogue between order and chaos.

कैनवास पर ऐक्रेलिक
2026
Slender forms in a twilight frame — architectural and organic at the same time. The light breaking between the shapes gives the composition a meditative character.